थी जब तुम साथ तो कोई कमी रहती नही थी
कठिन कोई डगर मुझको कभी लगती नही थी
खुशी जिसमे तुम्हे हो उसमे ही मेरी खुशी थी
वो भी क्या दिन थे - जब कोई कमी रहती नही थी..
नहीं था वादा कोई साथ जीने साथ मरने का
न कोई कशमकश थी तेरे - मेरे दरमियान
किया बस एक वादा सालता है अब मुझे
'मिलना यादों में भी - तो मुस्कुरा के मिलना'
कि याद आये तो बस तस्वीर तेरी साथ पाना है
किसी बीते हुए पल में अकेले डूब जाना है
तेरी यादो के दरिया से गुजर कर पार जाना है
था वादा मुस्कुराने का - तो मुझको मुस्कुराना है
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