Saturday, June 13, 2015

शुभ प्रभात


सूरज की पहली किरण 
पानी में खिलता कमल 
मद में झूमता भ्रमर 
और अधखिला प्रसून

चिड़ियों का संगीत
रजनी का निष्कासन 
कहीं दूर मंदिर में
इश्वर का भजन
और मस्जिद में अज़ान

ठण्डी मस्त पुरवाई 
कलियों ने ली अंगडाई 
बीत गयी निशा 
हो गया प्रभात
सिन्दूरी सा हो उठा
पूरब में आकाश

अली ने किया फिर गुंजन 
किया पुष्पों से अमृत पान
उठो ! अब आलस छोडो तुम 
करो आरम्भ अपना दिन
मेरी कामना है यही
रहो खुश हर पल हर दिन 

#नितिन _चौरसिया 

Saturday, May 23, 2015

पहली बारिश


तुम्हे याद तो होगी
उन गर्मियों की पहली बारिश
जिसमे हम दोनों अपने - अपने अहं में डूबे थे
तुम्हे बात - बात पर रूठने की
और मुझको तुम्हे मनाने की आदत सी हो गयी थी
बारिश में भीगने को कह रहा था मैं
तुम ‘पहली बारिश है’ कहकर अपने कमरे में चली गयी थी
तुम्हे तो पता है न मेरा बारिश से लगाव ||

कल शाम फिर वैसा ही मौसम था कुछ – कुछ
तुम नही थी न आस - पास
बीती यादो में एक बार फिर डुबकी लगाकर सारी तन्हाई मिटा ली मैंने
वक़्त लगता है...
किसी अकल्पित घटना से बाहर आने में
पर मेरा क्या ?
मेरे पास तो तुम्हारे सिवाय किसी के लिए वक़्त है ही नहीं
नहीं ||


Saturday, May 16, 2015

वो याद है



थी जब तुम साथ तो कोई कमी रहती नही थी 
कठिन कोई डगर मुझको कभी लगती नही थी  
खुशी जिसमे तुम्हे हो उसमे ही मेरी खुशी थी  
वो भी  क्या दिन थे - जब कोई कमी रहती नही थी.. 

नहीं था वादा कोई साथ जीने साथ मरने का  
न कोई कशमकश थी तेरे - मेरे दरमियान  
किया बस एक वादा सालता है अब मुझे 
'मिलना यादों में भी - तो मुस्कुरा के मिलना' 

कि याद आये तो बस तस्वीर तेरी साथ पाना है  
किसी बीते हुए पल में अकेले डूब जाना है  
तेरी यादो के दरिया से गुजर कर पार जाना है  
था वादा मुस्कुराने का - तो मुझको मुस्कुराना है  


      Gul-e-Shazar 

Friday, January 23, 2015

Tera aana...Tera Jaana...



tera aana tera jaana 

jaise baadal aur pawan



mera mai se ham ho jaana 

jaise indradhanush ke rang

 tere kadamo ki aahat 

jaise dharti par girta jal 

aur tere badan ki yeh khusboo 

jaise mahke van me chandan 




tera aana tera jaana 

jaise baadal aur pawan 




tera mujhse yun milna 

jaise paaya anmol ratan 

tere swar hain meethe itne 

jaise koyal ki boli 

tera hansta chehra lagta 

mere aangan me upvan 




tera aana tera jaana 

jaise baadal aur pawan 




Niks-d