Saturday, June 13, 2015

शुभ प्रभात


सूरज की पहली किरण 
पानी में खिलता कमल 
मद में झूमता भ्रमर 
और अधखिला प्रसून

चिड़ियों का संगीत
रजनी का निष्कासन 
कहीं दूर मंदिर में
इश्वर का भजन
और मस्जिद में अज़ान

ठण्डी मस्त पुरवाई 
कलियों ने ली अंगडाई 
बीत गयी निशा 
हो गया प्रभात
सिन्दूरी सा हो उठा
पूरब में आकाश

अली ने किया फिर गुंजन 
किया पुष्पों से अमृत पान
उठो ! अब आलस छोडो तुम 
करो आरम्भ अपना दिन
मेरी कामना है यही
रहो खुश हर पल हर दिन 

#नितिन _चौरसिया 

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